ज़िन्दगीनामा
कुछ ठहरी, थोड़ी भागती ज़िन्दगी,
ज़रा सुस्ताती, कभी हांफती ज़िन्दगी,
पलकें झपकाती, कभी टकटकी लगाये ताकती ज़िन्दगी,
उलझे-उलझे सवालों के जवाब तलाशती ज़िन्दगी।
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सीधे मुख्य सामग्री पर जाएंकुछ ठहरी, थोड़ी भागती ज़िन्दगी,
ज़रा सुस्ताती, कभी हांफती ज़िन्दगी,
पलकें झपकाती, कभी टकटकी लगाये ताकती ज़िन्दगी,
उलझे-उलझे सवालों के जवाब तलाशती ज़िन्दगी।
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