इबारत-ए-ज़हन लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेखक: Shweta Pandey अप्रैल 25, 2013 ज़हन का पन्ना मेरा भी कुछ इबारत मेरे ज़हन की,कुछ लफ्ज़ मेरे ज़ेहन के,कुछ मेरे जज्बात,कुछ मन के सवाल,कुछ उन सवालों के जवाब,कुछ बाते मेरे ज़ेहन से… लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
यदि हो प्रेम... लेखक: Shweta Pandey जुलाई 18, 2025 यदि हो प्रेम, उसे स्वतंत्र कर दो, तुमसे जुड़ाव होगा, तो वो दूर न होगा, रहेगा आसपास, जैसे रहती है हवा, जैसे रहती है रोशनी, खुद से मत बांधो, नहीं तो कुंभला जाएगा, जैसे कुंभला जाता है, डाली से टूटा पुष्प, प्रेम को रहने दो, उन्मुक्त, स्वच्छंद। © #पंक्ति #श्वेता और पढ़ें
लड़कियां लेखक: Shweta Pandey जुलाई 29, 2025 कितनी अच्छी लगती हैं न, पढ़ती लड़कियां, बढ़ती लड़कियां, लड़ती-झगड़ती लड़कियां, प्रश्न करती, उत्तर खोजती लड़कियां, सजती-संवरती लड़कियां, संभलती-संभालती लड़कियां, खिलखिलाती- खुशियां बिखेरती लड़कियां, नाजुक-नरम सी मजबूत लड़कियां, जमीन नापती, आसमान निहारती लड़कियां, © और पढ़ें
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