यादें...
तुमसे भली याद है तुम्हारी,
हौले से आकर महका जाती है,
मुलायम, मनभावन,
जब छूती है मुझे,
सभी वेदनाओं से मुक्त,
उस एक पल में ठहर जाती हूं,
यादें भी टाइम मशीन होती हैं,
जी चुके पल तक फिर पहुंचा देती हैं,
उमंगित-तरंगित उस पल को फिर से जी उठती हूं,
नित भोर सी निश्छल "याद",
और उसमें समाये, बस "तुम",
यही वो समय है, जो "हमारा" है।
©
#पंक्ति #श्वेता
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