बावरी, नकचढ़ी ख्वाहिशें



मेरी ख़्वाहिशें भी बावरी, नकचढ़ी, जिद्दी सी हैं,
कभी तोला, तो कभी माशा और कभी वो पिद्दी सी हैं।

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