माफी
कई बार मांगी है माफी, किसी को लगी ठेस, कभी हुई कोई भूल, वजह, बेवजह ही मांग लेती हूं, कभी दोस्तों से, कभी अपनों से और कई बार अजनबियों से भी, माफी मांगने की इस कड़ी में खुद को अनदेखा किया, नहीं मांगी कभी खुद से माफी, अपने सपनों की कली को खिलने से पहले तोड़ने की माफी, औरों के लिए बोलती रही खुद के लिए चुप्पी साधने की माफी, अपना मन-समय उन्हें देने के लिए, जिन्हें कभी कद्र नहीं थी, तो सुनो "स्व" तुमसे मांगती हूं माफी, अब से स्वयं को रखूंगी पहले, लड़ूंगी खुद के लिए, अपने सपनों के लिए, और अपने आत्मसम्मान के लिए। © #पंक्ति #श्वेता